Manthan

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"ईमान" यूनिवर्सिटी

Posted On: 10 Mar, 2014 Entertainment में

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पारस पत्थर बन गये ,”आप के श्रीमान “
जो भी उनके साथ है नहीं है  वह “बेईमान “
परिभाषा ईमान कि बनी नई पहचान
सारे हैं दुश्मन मेरे गाते ये ही गान
राजनीति की सीढियाँ  चढ़ते  यूँ “श्री मान “
किसको रखें साथ में किसका  रखें ध्यान

पारस पत्थर बन गये ,”आप के श्रीमान ”

जो भी उनके साथ है नहीं है  वह “बेईमान ”

परिभाषा ईमान कि बनी नई पहचान

सारे हैं दुश्मन मेरे गाते   ये  ही  गान ,

राजनीति की सीढियाँ  चढ़ते  यूँ “श्री मान ”

किसको रक्खें साथ में किसको फेंके कूड़ेदान

DR. Ashok bhardwaj

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5 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Beatrice के द्वारा
October 17, 2016

Thank you Denise for your thoughts and for your desire to live in God’s presence, depending upon him to sustain you. Your willingness to make yourself available for ministry will be met by his falihfutness.


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